Sunday, 6 September 2015

परोपकारी व्यक्ति welwisher

औरों के  हित जो  जीता है ।औरों के हित जो मरता है ।
उसका  हरप्रयास   रामायन  प्रत्येक कर्म ही गीता है ।
जो सहज   समर्पित  जनहित में,  होता है  स्वार्थ त्याग करके ।
जिसके पगतल चलते रहते  दुःख दर्द मिटाने  घर घर के ।
वही है शंकर  जो  औरों की वेदना निरन्तर पीता है ।
              जिसका  चरित्र  गंगाजल  सा है, बुद्धि विमल  पावन  उज्जवल
             जिसके उर से सद भावों की धरा बहती है कल कल ।
             वह है लक्षमण जिसने हर नारी  को समझा सीता है ।
जिसका  जीवन संघर्ष बना औरों की गहन समस्या है  ।
जग में प्रकाश फैलाना ही जिसकी आराध्य  तपस्या है ।
जो प्यास बुझाता  जन जन की वह पनघट कभी न रीता है ।
               जिसने जग के मंगल को ही  अपना जीवन  व्रत  मान  लिया
                इस व्यापक्  जग के कण कण में भगवान तत्व पहिचान लिया
               उस  आत्मा का सौभाग्य अटल  वही  प्रभु की  परणीता है।

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