Monday, 5 May 2014

गप Gossip

गप हाँकना  और  झूठ बोलने के  बीच  एक करीबी  रिश्ता  है । गप्पी किसी बात को  जल्द  बाजी में  सुनता  है क्योंकि उसके पास न काम होता है और न दिमाग । उसकी दिलचस्पी  काम की बातों  से  ज्यादा  उड़ती  ख़बरों  में  ज्यादा  होती है।
गप एक कला है इसमें न ख़ास कुछ  कहा  जाता है  और न कुछ  अनकहा  छूटता है ।
       किसी  ने  ठीक  ही  कहा है  कि  "छोटे  लोग  दूसरे  के  बारे  में  बात  करते हैं ,मध्यम वर्ग के लोग चीजों  के  बारे में  बात करते हैं  ,और  महान लोग  विचारों के  बारे  में  बात  करते  हैं  ।
गप मारने  में क्या  होता  है  ?  किसी  की  निन्दा  या  बदनामी ।कोई  अच्छा काम  तो  होता नहीं ।गप  सुनने वाले भी दोषी हैं पर  निन्दा सूनने से  अपने  विचार भी  दूषित  होते हैं ।गप्पी  इंसाफ  का आदर नहीं करता ।वह  दिलों को तोड़ता  है । वह  जिन्दिगियों को  तबाह करता है ।वह  धूर्त और  दुर्भावनाओं से भरा  होता है ।वह  कमजोर और  असहाय  लोगों को अपना  शिकार  बनाता है ।
                         गप्प की  कोई  शक्ल नहीं  होती  इसलिए उसकी रोक थाम भी  मुश्किल होती है ।झूठ से लोगों की  प्रतिष्ठा को  दाग  लगता है ।अत:  उन लोगों से बचें जो  छोटे मुँह बड़ी बात करते हैं । मन को  कभी भी फ़ालतू  बातें  अच्छी  नहीं  लगतीं ।लेकिन हम  क्या करते हैं उनकी  फ़ालतू  बातों को  ही  सुनते कहते  जाते  हैं  इससे  मन  चिडचिडा  हो  जाता है । ज्ञान  की  बातों  का मनुष्य अपने मन में चिन्तन करे तो  परिवर्तन आता  है ।
                सुझाव  है  की  रोज  अपने  मन को  ज्ञान  की  बातों  से  स्वच्छ करते रहो ।की बार  लोग  कहते  हैं की हमारे मन में बुरे  विचार  चलते  रहते  है  बताओ कैसे  रोकें ?
   आप  एक  मटका  लो  जिसके  अन्दर  गन्दा  पानी  भरा हो  ।  मानलो  मटका  बड़ा  है  और आप उसे  उठा  नहीं  सकते  तो  क्या  करें ? साफ़  पानी का नल  खोल दें   अधिक  पानी  गिरने  से  वह मटका  ओवरफ्लो  होता  जाएगा  औए  ओवरफ्लो होते होते एक समय ऐसा  आयेगा कि मटके का सारा  गन्दा  पानी  बाहर    निकल  जाएगा  औरवह साफ़  पानी से भर  जाएगा । 
              तो  अपने  कानों  को  ज्ञान की  बातों  से   सींचते  जाओ   तो  सारा कीचड़  निकल  जायेगा  और  एक  समय  ऐसा  आएगा कि मन  बुद्धि  स्वच्छ  और  निर्मल  बन  जायेंगी

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