Sunday, 15 September 2013

जिन्दगी तू क्या है

जिन्दगी  प्यार  का  गीत  है इसे  हर  दिल  को  गाना पड़ेगा   ।
जिन्दगी  गम का  सागर भी  है   हँस  के  उस  पार   जाना  पड़ेगा 

जिसका जितना जमा  धन  यहाँ  पर  उसको  सौगात  उतनी  मिलेगी
इस   जीवन में फूल  नहीं तो  काँटों  को   निभाना  पड़ेगा 

है  अगर दूर  मंजिल  तो क्या   रास्ता भी है  मुश्किल तो  क्या
रात  तारों  भरी  न  मिले  तो  ज्ञान  दीपक  जलाना पड़ेगा

जिन्दगी  एक  पहेली  भी  है     दुःख  सुख  की  सहेली  भी  है
जिन्दगी  एक  वचन  भी  तो  है   हर  किसी  को  निभाना पड़ेगा

जिन्दगी  प्यार  का गीत है  ......
           वह  सुवह  कभी  तो  आएगी  वह सुवह कभी तो  आयेगी 
     जब रात का  आँचल  ढलकेगा  जब  दुःख  के  बादल  पिघलेंगे
जब   सुख  का  सागर  छलकेगा  जब  अम्बर   झूम  के  नाचेगा
जब  धरती   नगमे  गाएगी  वह  सुवह  कभी  तो  आयेगी   ।

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