Wednesday, 18 September 2013

महत्वाकांक्षा Ambition

महत्वाकांक्षा   एकप्रकार  की  विक्षिप्तता  है   ।जितना  अधिक  महत्वाकांक्षी  व्यक्ति  उतना   ही   अधिक  असन्तुष्ट   ।वह  केवल  मेहनत  ही  करता  है  ।लेकिन  उसे  चैन  का  क्षण नहीं मिलता  ।  अगर  यह   रोग  किसी को  लग  जाये  तो   वह  जीवन  में  कभी   आनन्दित   नहीं  हो  सकता  ।
    कहावत  है  कि  संतोषी  सदा  सुखारी  '   लेकिन  देखा  गया  है  कि  चुप  रहने वाले  व्यक्ति  को   कांटा  सा  चुभता रहता  है यद्यपि   वह  ऊपर  से   संतोष  की   चादर  ओढे   रखता  है  ।महत्वाकांक्षा  एक  केंसर  जैसी  बिमारी  है  ।  तथापि  हम  अपने  बच्चों  को  यही   सिखाते  हैं  कि  तुम  आगे  बढओ 
   महत्वाकांक्षी  नारकीय  जीवन  बिताता है ।इससंबंध  में  एक  कहानी है  .....   किसानो को  जमीनों  से  गहरा  लगाव  होता है  ।तो एक  किसान  ने  सुना कि 

राज्य  की  ओर  से  एलान  हुआ  कि  कुछ  जमीन  सस्ते  में  नीलाम  हो  रहीं  है  पर  कुछ  शर्त  भी  है  जो  व्यक्ति    सुबह   आठ  बजे  से  लेकर  सूरज  डूबने  से  पहले  तक  जितनी  जमीन लेना  चाहे  उतनी ले सकता है  पर  वापिस 
Starting  Point  तक  आना पड़ेगा  ।वह  किसान  अपने  घोड़े   पर चदकर  दौड़ा   ताकि  ज्यादा दे  ज्यादा  जमींन  हथिया  सके   । 
       वह  भागा  और  भागता  रहा  ।शाम  होने  को  आगयी  लेकिन   उसे  तो  ज्यादा से  ज्यादा   जमीन  चाहिए थी  ।भूखा  प्यासा   आखिर  को  वह  और  उसका  घोडा   थक  कर   नीचे  गिर  पड़े और  दौनों  का  प्राणान्त  हो  गया  । 
     उसके  हिस्से  में  पांच फुट  जमीन  आई   ।
  आशा से     ज्यादा मादक  पदार्थ  और  कुछ  नहीं   ।

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