Sunday, 18 August 2013

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   मोकु    कछू  न  चाहिए      राम  राम ;  कछू  न चाहिए  राम  ।
तेरे विन  मोहे  सब  फीके  लागें   नाना सुख  धन  धाम  ।मोकू  कछु.........
सुन्दर   सन्तति   सेवक  सब  गुण  बुद्धि  विद्या  भरपूर;;
कीर्ति  कला  निपुणता नीति इनको   रखिये  दूर  ।।।।मोकू   कछु न.......

आठ  सिद्धि  नौ   निधि  आपुनी  और    जनन  को   दीजे 
मई तो तेरी    चरण की   चेरी  कर  पकड     आपुनौ    कीजे।।

मोकू  कछू  न  चाहिए   राम  राम कछु न  चाहिए  राम  ।।।।।।

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